अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी पत्नी
मेलानिया इराक में तैनात अमेरिकी सैनिकों को बधाई देने के लिए बुधवार 26 दिसम्बर
की रात अचानक इराक जा पहुंचे। राष्ट्रपति के रूप में यह ट्रम्प की पहली इराक
यात्रा थी। इस यात्रा के दौरान बग़दाद के पश्चिम में स्थित एअर बेस पर पत्रकारों
से उन्होंने कहा कि अमेरिका ‘ग्लोबल पुलिसमैन’ की भूमिका नहीं निभा सकता। हमने दुनिया की रखवाली का ठेका नहीं लिया है। दूसरे
देश भी जिम्मेदारियों को बाँटें। उन्होंने सीरिया से अपने सैनिकों को वापस बुलाने
और बाकी क्षेत्रीय देशों खासकर तुर्की पर आईएस का मुकाबला करने की जिम्मेदारी डालने
के अपने फैसले के पक्ष में कहा कि यह ठीक नहीं है कि सारा बोझ हम पर डाल दिया जाए।
यों भी अब सीरिया में अमेरिका की जरूरत नहीं है, क्योंकि आईएस को हरा दिया गया है।
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शुक्रवार, 11 जनवरी 2019
शनिवार, 29 दिसंबर 2018
सीरिया और अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी वापसी के मायने

अमेरिका
के डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अपने हजारों सैनिकों को वापस
बुलाने की योजना बनाई है। अमेरिकी मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से रिपोर्टों में
बताया है कि महीने भर में 7,000 सैनिक अफ़ग़ानिस्तान से वापस चले जाएंगे। वॉशिंगटन
पोस्ट के अनुसार जल्द ही ह्वाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ का पद छोड़ने जा रहे जॉन
केली और ह्वाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन सहित ट्रम्प के
वरिष्ठ कैबिनेट अधिकारियों के विरोध के बावजूद इस पर विचार किया जा रहा है। इसके एक दिन पहले ट्रम्प ने सीरिया
से सैनिकों को हटाने की घोषणा की थी। उनके इस फैसले से असहमत रक्षामंत्री जेम्स मैटिस और
एक अन्य उच्च अधिकारी ब्रेट मैकगर्क ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इधर शनिवार 29 दिसम्बर को ह्वाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति ने अफ़ग़ानिस्तान से वापसी के बाबत कोई फैसला नहीं किया है।
रविवार, 18 नवंबर 2018
अमेरिकी वोटर की ट्रम्प को चेतावनी
अमेरिकी संसद के मध्यावधि चुनाव परिणाम अंदेशों
या अनुमानों के अनुरूप ही आए हैं। ब्रिटिश पत्रिका इकोनॉमिस्ट ने इन परिणामों के
आधार पर अमेरिकी प्रशासन को ‘विभाजित देश की विभाजित सरकार’ बताया है। यों दोनों पक्षों ने इन परिणामों को अपनी विजय बताया है।
आंशिक रूप से दोनों को कुछ न कुछ मिला है। पर 2016 के परिणामों से तुलना करें, तो
कहा जा सकता है कि ट्रम्प सरकार के खिलाफ यह वोटर की नाराज टिप्पणी है। प्रतिनिधि
सदन में वोटर की आवाज अब साफ सुनाई पड़ेगी। ये परिणाम घटिया गवर्नेंस और वोटर की
राजनीतिक व्यवस्था के प्रति वितृष्णा की तरफ इशारा कर रहे हैं। ऐसे ही परिणामों की
भविष्यवाणी थी, जो सही साबित हुई।
अमेरिकी संसद के दो
सदन हैं। हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में 435 सदस्य होते हैं। और दूसरा है, सीनेट। इसमें
100 सदस्य होते हैं। सीनेट की चक्रीय
व्यवस्था के तहत इस बार 35 (33+2) सीटों पर चुनाव हुए। अभी तक दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत था,
पर अब प्रतिनिधि सदन में डेमोक्रेट्स का बहुमत हो गया है। पिछले आठ साल से
रिपब्लिकन पार्टी का इस सदन पर कब्जा था। अमेरिकी
व्यवस्था में मतगणना अपेक्षाकृत सुस्त होती है। अंतिम रूप से परिणाम इन पंक्तियों
के लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं थे, पर प्रतिनिधि सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी की
सदस्य संख्या 240 के करीब पहुँच गई है। वहीं रिपब्लिकन पार्टी का सीनेट में बहुमत पहले से
ज्यादा हो गया है। उनके पास अब 100 में से 54 सीटें होने की सम्भावना है।
मंगलवार, 6 नवंबर 2018
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के मिश्रित नतीजे
अमरीकी मध्यावधि चुनाव LIVE: ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी सीनेट पर जीत की ओर तो डेमोक्रेटिक हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में. सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत मिलने का मतलब है कि ट्रंप को कार्यकारी और न्यायिक नियुक्तियों में कोई चुनौती नहीं दे पाएगा. अब ये देखना होगा कि रिपब्लिकन पार्टी की जीत कितनी बड़ी होती है. हालांकि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कहानी कुछ अलग है. यहां डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से ट्रंप की नीतियों को झटका लगेगा. डेमोक्रोटिक पार्टी इस जीत के ज़रिए ट्रंप को चुनौती देने और मज़बूती से सामने आएगी. डेमोक्रेटिक पार्टी को कई डिस्ट्रिक्ट में जीत मिली है. इनमें वर्जीनिया, इलिनोइस और फ्लोरिडा भी शामिल हैं.
Republicans’ loss of control of the U.S. House of Representatives will leave the party with a more conservative congressional caucus that is even more bound to President Donald Trump and more united around his provocative rhetoric and hardline agenda.
Read here for detailsDemocrats capture U.S. House majority in rebuke to Trump
WASHINGTON (Reuters) - Democrats rode a wave of dissatisfaction with President Donald Trump to win control of the U.S. House of Representatives on Tuesday, giving them the opportunity to block Trump’s agenda and open his administration to intense scrutiny. Democrats capture U.S. House majority in rebuke to Trump
Details here
रविवार, 4 नवंबर 2018
ट्वेंटी-ट्वेंटी का सेमीफाइनल उर्फ ट्रम्प की पहली परीक्षा
इस हफ्ते 6 नवंबर को अमेरिकी संसद के
मध्यावधि चुनाव हो रहे हैं। ट्रम्प की जीत के बाद से अमेरिका में जिस
तरह का ध्रुवीकरण हुआ है, उसे देखते हुए ये चुनाव खासे महत्वपूर्ण हैं। अमेरिकी संसद
के दो सदन हैं। हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में 435 सदस्य होते हैं। और दूसरा है, सीनेट। इसमें
100 सदस्य होते हैं। सीनेट की चक्रीय
व्यवस्था के तहत इस बार 35 (33+2) सीटों पर चुनाव होंगे। दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है।
मध्यावधि
चुनावों के बाद भी रिपब्लिकन-बहुमत बरकरार रहा, तो ट्रम्प की तूती बोलेगी। ऐसा
नहीं हुआ और दोनों या किसी भी एक सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत हो गया, तो
ट्रम्प के उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। नीति और राजनीति के नजरिए से ओबामाकेयर जैसे
सामाजिक कल्याण के कल्याण के कार्यक्रमों को खत्म करना संभव नहीं होगा। आप्रवासियों
के खिलाफ ट्रम्प की कड़ी नीतियों पर अंकुश लगेगा। हालांकि वोट उम्मीदवारों की
योग्यता और स्थानीय मुद्दों पर भी पड़ते हैं, पर ट्रम्प की कार्यशैली पर भी यह
जनमत होगा।
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