तकरीबन एक महीने से फ्रांसीसी जनता बगावत पर उतारू है। पिछले
17 नवम्बर से राजधानी पेरिस सहित देश के शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। इसमें 1500
से ऊपर गिरफ्तारियाँ हुईं हैं। कम से कम तीन मौतों की खबरें भी है। आंदोलनकारी
जगह-जगह यातायात रोक रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर हमले किए हैं और सार्वजनिक
सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाया है। इस आंदोलन की शुरुआत ‘इको टैक्स’ यानी
पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नए टैक्स के विरोध में हुई थी, पर इसने प्रशासन और
अर्थव्यवस्था के प्रति एक व्यापक असहमति का रूप ले लिया है। केवल टैक्स इसका कारण होता तो यह आंदोलन टैक्स वापसी के बाद खत्म हो
जाना चाहिए था। पर ऐसा हुआ नहीं है।
